कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, आम आदमी की जेब पर असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल और ढुलाई लागत पर दबाव बढ़ने के आसार।
पिछले एक हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में करीब पांच प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है। आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और प्रमुख उत्पादक देशों की कटौती की चर्चा को इसकी वजह बताया जा रहा है।
कीमतों में उछाल क्यों
- प्रमुख तेल उत्पादक देशों की आपूर्ति नीति में बदलाव की अटकलें
- वैश्विक मांग में हल्की बढ़ोतरी
- डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव
आम आदमी पर असर
पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में तुरंत बदलाव जरूरी नहीं, पर ढुलाई लागत बढ़ने से सब्जी, फल और रोजमर्रा के सामान पर आने वाले हफ्तों में असर दिख सकता है। छोटे व्यापारियों के लिए परिवहन खर्च बढ़ना सबसे बड़ी चिंता है।
सरकार और बाजार की प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम मंत्रालय ने फिलहाल स्थिति पर “नजर बनाए रखने” की बात कही है। तेल कंपनियों ने कहा है कि घरेलू कीमतें अभी स्थिर रहेंगी, बशर्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल आगे और न बढ़े।
आगे क्या
अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो अगले पखवाड़े में पेट्रोल-डीजल दरों की समीक्षा हो सकती है। NewsFront इस स्टोरी को अपडेट करता रहेगा।